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from diary - छोटे कपड़े होते है या छोटी सोच होती है ? क्या कपड़ो से किसी लड़की क चरित्र परखना सही है? 2017

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छोटे कपड़े नहीं, छोटी सोच होती है.  जी, बात कोई बहुत नई नहीं है, लेकिन मैं समझता हूँ कि इसके बारे में खुलकर बात करना और इसे सही तरीके से समझना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि यह मुद्दा हमारे modern society, social values और moral thinking की credibility से जुड़ा हुआ है। सवाल है — आख़िर हम हैं कहाँ? किस direction में आगे बढ़ रहे हैं? इतने बड़े देश में, जहाँ development, technology, education और 135 करोड़ की public power होने के बावजूद — क्यों आज भी लाखों चेहरों को सिर्फ शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है? क्यों लोग aware नहीं हो रहे? और उससे भी ज्यादा दुख इस बात का है कि educated होने के बाद भी लोग इस issue को properly judge नहीं कर पाते, या फिर conveniently ignore कर देते हैं। मैं बात कर रहा हूँ उन युवकों की, जो modern लड़कियों के lifestyle और dressing sense पर सवाल उठाते हैं… जो jeans, skirt या western outfit में चलती लड़कियों पर comment pass करते हैं। एक उदाहरण – सिर्फ समझाने के लिए (यह एक fictional example है) अर्चना (19) – College Student “आज मैंने skirt पहनी थी। सोचा, जब मे...

From Diary - Life and Happiness Dynamics - 2019 Drafted.

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ज़िन्दगी – सोच, मोहब्बत और खुशी का सफर ❤️ ज़िन्दगी वो है जिसमें आप अपने अरमानों को, खुशियों को, हर वो रंग जो दिल में लगे हों, हर वो धागा जो दिल से जुड़ा हो और हर वो चीज जिससे हमारी भावनाएँ जुड़ी हों… उसे हम जी भर के जीते हैं। मौज में, मस्ती में, दर्द में, दुआ में, खुशी में, ग़म में… अपनों के पास और खुद के साथ… ख्वाहिशों के करीब और चुनौतियों के बाद… जो ज़िन्दगी होती है ना — हम सब अपनी ज़िन्दगी और अपनी सोच को हकीकत बनाकर, उम्मीद को यकीन बनाकर, कांटों को फूल, मुश्किलों को आसान और चाह को राह बनाकर जीना चाहते हैं। ढलती शाम और इश्क की रौशनी ढलती है शाम, फिर अंधेरा आता है। लाता है डर भी… पर तारों की महफिल दिल के अरमां जगा देती है। जो मेरे खयालों की दुनिया को तेरी नमकीन आंखों की रोशनी से सजाती है। दिल बहक जाता है, मन भटक जाता है तेरे रूहानी एहसास की तलब में। दिन-रात मचल सा जाता है… तेरी सांसों की खुशबू मेरी रूह में उतर जाती है। फिजाओं में जब भी आती है, गर्म इश्क की बरसात ले आती है। ❤️ खुशी क्या है? किसी को खुश करने के लिए आपको हास्य कलाकार बनने की ज़रूरत नहीं है। आप किसी की खुशी मे...

एक व्यक्ति ने पूछा की ज्यादा पैसे होने के क्या नुक्सान है ? कोशिश किया की उसे उचित उत्तर दे सकूँ।

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इस सवाल ने मुझे 1 मिनट ये सोचने पर मजबूर क्र दिया कि इतना खतरनाक आईडिया (सवाल) इसके पास आया कहा से और क्यों? ✋🙇🙎 मैं बहुत deeply जाना नहीं चाहता था क्योंकि उसमे ज्यादा समय लगता लिहाजा मैंने जल्दी से  जवाब तैयार कर उसे भेज दिया और अपने काम निकल  गया। इसमें मेरे कुछ अपने विचार है लेकिन मैंने इसे पूरी निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की यदि आपके पास कोई सुझाव  हैं तो मुझे जरूर सूचित करें। पैसा हमारी अहम जरूरत है । पैसे एक ज़माने में सिर्फ गिने चुने लोगो की संपत्ति हुआ करती थी लेकिन अब यह रूपये , येन, दीनार, रिंगित, डॉलर इत्यादि में बदल चूका है। धन राशि अधिक होने से कभी कोई नुक्सान नही हो सकता। अगर ऐसा होता तो सबसे दुखी व्यक्ति jeff bezozz ,bill gates, मुकेश अम्बानी होते, लेकिन ये सब कितनी अच्छी ज़िन्दगी जीते है हम जानते है। पैसा अधिक होने से आप अपने आप को अधिक सशक्त बना सकते है यह आपको सक्षम बनाता है। हां लेकिन अगर अयोग्य व्यक्ति के पास ज्यादा पैसा होगा तो उसे नुक्सान हो सकता है। यह अलग अलग परिस्थितियों पर निर्भर करता है। पैसे की सुरक्षा उसके होने जितना ही महत...

किसी ने मुझसे पूछा क्या भारत कभी पाकिस्तान का दोस्त बन पाएगा ?

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हर चीज की हद होती है, आजतक पाकिस्तान जो भारत के लिए किया है, उससे पाक. ने खुद ही साबित कर दिया है की वह भारत की दोस्ती के लायक नही है। वैसे भी वह हमे अपना दुश्मन मानता है, हमारी दुश्मनी वहा के लोगो से नही है, बस पाक. के नापाक इरादों से है जो कभी बदल नही सकते , जाहिर है दोस्ती का सवाल ही नही उठता , और उठना भी नहीं चाहिए। I love You India. I love Indian army. Jai Hind! Vande matram! Bharat maata ki jay! Note :- All.images has been attached from Google Images.

#Thats_it :- do no let the rape again. PART-2

               अभी जितने भी रेप केस हुए है ,एक के बाद,फिर  एक के बाद  इससे इन्तहा हो गयी है न्याय के लिए जो सब्र था वो अब  देशवाशियो का पूरी तरह टूट चूका है क्यूंकि अब बिलकुल; एक भी और नहीं ...बहुत हो चूका ,  जितनी भी लडकियों के साथ रेप हुआ उनमे से ज्यादातर का केस आज भी  लंबित है और उन्हें अभी तक  न्याय नही मिला , तो सवाल है आखिर कब तक उन्हें न्याय के लिए इन्तेजार करना होगा , हाल ही में दिशा के अपराधियों का १० दिन में एनकाउंटर  कर दिया गया , जिससे  कही न कही देश के लोगो ने  कम से कम चैन की एक सास तो ली होगी , ये एक बहुत ही  शानदार एक्शन था जिस तरह रेपिस्ट लडकियों को उसी जगह पर बिना देर किये जला देते है  इन्हें भी उसी  तरह तुरंत जलाकर मार देना चाहिए ताकि दोबारा फिर कोई रेप के बारे में सोच भी ना सके |              दिशा को तो इन्साफ मिल गया लेकिन क्या दिशा को असली इन्साफ मिला, मुझे सच में थोडा सुकून मिला जब पता चला की दिशा के आरोपियों को देर से  ह...

Don't Cross The Rules To Defeat The Covid-19

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सादर प्रणाम  हार्दिक अभिवादन  *****   राजनीति चरम पर थी,सब एक दूसरे पर इल्ज़ाम लगा रहे थे,धर्म - मजहब की जंग छिड़ी थी, जगह जगह पर धरने हो रहे थे, धर्म का व्यापार चल रहा था,भीड़ एक दूसरे पर टूट पड़ी थी, मानवता मर रही थी कि तभी एक और संकट आ गया।  *****   ..... अरे यह क्या!!!  मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारा,गिरिजाघर बंद!!!  कहाँ गये ईश्वर?  राजनीति का शोर भी बंद!!! अरे! सारे नेताओं के सुर एक हो गये!!  धरने भी बंद!! कहीं कोई भीड़ नही!! मानवता भी जीवित हो गई!! छीन कर खाने वाले लोग बाँट कर खाते दिख रहे!!!  क्या यह भारत ही है??  .... हाँ यह भारत है। वह भारत जो एक परिवार की तरह रहता है,जीता है। भाई -बहनों  की तरह यह आपस में कितना भी झगड़े किंतु जब परिवार पर कोई संकट आता है तो इसकी एकता,इसकी सभ्यता,इसकी संस्कृती,इसका आपसी प्रेम देखते ही बनता है।  *****   आज सारा विश्व कोरोना से युद्ध लड़ रहा है। भारत भी इस युद्ध के लिए तैयार है। 21 दिनों के लॉकडाउन का आदेश ...

अब होगा एक राष्ट्र एक संविधान एक गणतंत्र, आर्टिकल 35A और 370 समाप्त। जानें क्या है आर्टिकल 35A और 370?

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नमस्कार दोस्तों मैं Yogesh Gendre स्वागत करता हूँ आपका ।  आज का लेख सबके लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुछ ऐतिहासिक हुआ है, जो अब सवर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जायेगा ।  आपका अधिक समय न लेते हुए विषय की और चलता हूँ। जरूर समझियेगा।  आजादी के 72 सालो बाद कश्मीर  के लोगो को आज असली आजादी मिली है। धारा 35A और 370 के सभी उपभाग आज से लागू नही होंगे। यह वास्तव में राष्ट्रभक्ति की जीत है। आज तक किसी सरकार ने इतना बड़ा और सही फैसला नही लिया। अब  कश्मीर में सिर्फ तिरंगा होगा, एक ही संविधान होगा, राष्ट्रपति  शासन वैध होंगे। अन्य राज़्यों की तरह कश्मीर में भी शासन की योजनाए लागू हो सकेंगी। जिससे केंद्र और राज्य सरकार आपसी तालमेल के साथ राज्य के सर्वागींण विकास की नयी कड़िया जोड़ने में सक्षम होंगे।   विदित हो की  जम्मू कश्मीर  1947 में आजादी के बाद भारत  में शामिल नही था, तब कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यको के कारण पकिस्तान में इसके विलय के प्रति झुकाव अधिक रहा किन्तु कुछ बुद्धिजीवी कश्मीर को भारत में शामिल करना चाहते थे।  इसके लिए  त...