From Diary - Life and Happiness Dynamics - 2019 Drafted.
ज़िन्दगी – सोच, मोहब्बत और खुशी का सफर ❤️
ज़िन्दगी वो है जिसमें आप अपने अरमानों को, खुशियों को, हर वो रंग जो दिल में लगे हों, हर वो धागा जो दिल से जुड़ा हो और हर वो चीज जिससे हमारी भावनाएँ जुड़ी हों… उसे हम जी भर के जीते हैं।
मौज में, मस्ती में, दर्द में, दुआ में, खुशी में, ग़म में…
अपनों के पास और खुद के साथ…
ख्वाहिशों के करीब और चुनौतियों के बाद…
जो ज़िन्दगी होती है ना —
हम सब अपनी ज़िन्दगी और अपनी सोच को हकीकत बनाकर, उम्मीद को यकीन बनाकर, कांटों को फूल, मुश्किलों को आसान और चाह को राह बनाकर जीना चाहते हैं।
ढलती शाम और इश्क की रौशनी
ढलती है शाम, फिर अंधेरा आता है।
लाता है डर भी…
पर तारों की महफिल दिल के अरमां जगा देती है।
जो मेरे खयालों की दुनिया को तेरी नमकीन आंखों की रोशनी से सजाती है।
दिल बहक जाता है, मन भटक जाता है तेरे रूहानी एहसास की तलब में।
दिन-रात मचल सा जाता है…
तेरी सांसों की खुशबू मेरी रूह में उतर जाती है।
फिजाओं में जब भी आती है, गर्म इश्क की बरसात ले आती है। ❤️
खुशी क्या है?
किसी को खुश करने के लिए आपको हास्य कलाकार बनने की ज़रूरत नहीं है।
आप किसी की खुशी में खुश होकर उसे हँसा सकते हैं।
किसी को उसके अकेलेपन में साथ देकर उसे खुश कर सकते हैं।
आप किसी को उसके बुरे समय में छोड़कर उसे नाराज़ कर सकते हैं, उसे ग़म दे सकते हैं।
लेकिन इसके ठीक विपरीत —
जब सबने उसका साथ छोड़ दिया हो, तब आप अपनी संगति देकर उसे खुश कर सकते हैं।
कोई गुस्सा हो, कोई नाराज़ हो, कोई क्रोधित हो, कोई परेशान हो —
चाहे वह आपका दोस्त हो या आपका प्रेमी/प्रेमिका —
आप अपने एक अच्छे व्यवहार से स्वयं भी खुश हो सकते हैं और उन्हें भी खुश कर सकते हैं।
खुशी एक सकारात्मक स्वीकृति है… कोई मनोरंजन नहीं।
जो सिनेमा हॉल में सीटियाँ बजाकर दो मिनट हँस लिया जाए — वह मनोरंजन है।
जो दो मिनट का आनंद लेकर भूल जाएँ — वह केवल सुख है।
खुशी कोई किसी का जमा या उधार नहीं है।
यह तो जीवन का सदैव उपलब्ध संतुलन है —
जो जीवित रहने के लिए आवश्यक है।
बस हम ही इस संतुलन का उपयोग नहीं करते।
हम उदास क्यों होते हैं?
हम जीवन में तब उदास होते हैं जब हम दिल से आहत होते हैं
और नकारात्मक हो जाते हैं।
तब अगर कोई हमें फ़िल्म दिखाने ले जाए — क्या वह सच्ची खुशी है?
या कोई मज़ाक करके हमारा मूड और खराब कर दे — क्या वह समाधान है?
दर्द में मौज ढूँढ लेना जीवन को खूबसूरती से जीने की एक कला है।
120 वोल्ट का बल्ब बिजली न मिले तो बेकार हो जाता है।
लेकिन हमारे चेहरे की खुशी का जो प्रकाश है, वह हजारों वोल्ट का होता है।
एक छोटा सा दिया भी लंबे समय तक रोशनी देता है।
हाँ, उसे तेल चाहिए… ईंधन चाहिए…
और वह ईंधन हम हैं।
हमारी ज़िन्दगी और हमारी सकारात्मक सोच है।
अगर रोने के 9999 कारण हैं,
तो हँसने के 999999 कारण भी हैं।
हमें बस बुरे कारणों को जीवन से हटाना है
और सकारात्मकता के सुरक्षा कवच से स्वयं को सुरक्षित और स्वच्छ रखना है।
कहते हैं ना —
चिंता नहीं, चिंतन करना चाहिए।
हर बात स्वयं हल करने की कोशिश मत कीजिए,
कुछ बातें समय पर भी छोड़ दीजिए।
मैं जानता हूँ आपकी ज़िन्दगी में तकलीफ़ कम नहीं है।
और आप में शक्ति भी कम नहीं है।
इसलिए हमें जीवन को खूबसूरती से जीना है
और हर कदम पर इसे बेहतरीन बनाना है।
अगर कुछ बुरा लगे तो क्षमा कीजिए,
अगर कुछ अच्छा लगे तो याद रखिए। ❤️
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