नमस्कार दोस्तों मैं Yogesh Gendre स्वागत करता हूँ आपका । आज का लेख सबके लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुछ ऐतिहासिक हुआ है, जो अब सवर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जायेगा । आपका अधिक समय न लेते हुए विषय की और चलता हूँ। जरूर समझियेगा।
आजादी के 72 सालो बाद कश्मीर के लोगो को आज असली आजादी मिली है। धारा 35A और 370 के सभी उपभाग आज से लागू नही होंगे। यह वास्तव में राष्ट्रभक्ति की जीत है। आज तक किसी सरकार ने इतना बड़ा और सही फैसला नही लिया। अब कश्मीर में सिर्फ तिरंगा होगा, एक ही संविधान होगा, राष्ट्रपति शासन वैध होंगे। अन्य राज़्यों की तरह कश्मीर में भी शासन की योजनाए लागू हो सकेंगी। जिससे केंद्र और राज्य सरकार आपसी तालमेल के साथ राज्य के सर्वागींण विकास की नयी कड़िया जोड़ने में सक्षम होंगे।
विदित हो की जम्मू कश्मीर 1947 में आजादी के बाद भारत में शामिल नही था, तब कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यको के कारण पकिस्तान में इसके विलय के प्रति झुकाव अधिक रहा किन्तु कुछ बुद्धिजीवी कश्मीर को भारत में शामिल करना चाहते थे। इसके लिए तत्कालीन दस्तावेज 'instruments of actions' में उन्होंने हस्ताक्षर किये थे। इस दस्तावेज में दोनों पक्षों का हस्ताक्षर होना आवश्यक था। आखिरकार 26 नवंबर, 1949 को अंगीकृत किया कर लिया गया। 'इंस्ट्रूमेंट्स ऑफ ऐक्सेशन ऑफ जम्मू ऐंड कश्मीर टु इंडिया' की शर्तों के मुताबिक, आर्टिकल 370 में यह उल्लेख किया गया कि देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के सिवा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दे दी गई।
क्या है article 370 आपको संक्षेप में बताना चाहूँगा इस आर्टिकल के अनुसार भारत सरकार जम्मू और कश्मीर में कुछ विशेष मामलों जैसे रक्षा , संचार , और विदेश मामले के अतिरिक्त अन्य कोई कानून नहीं बना सकती। साफ़ शब्दों में भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्व कश्मीर में प्रत्यक्षतः लागू नही होंगे। और सरल शब्दों में आप यह समझ सकते है कि अधिकारिक तौर पर भारत सरकार को जम्मू कश्मीर के संबंध में केवल सीमित स्तर पर कार्य करने की अनुमति हैं।
इसका article की सज़ा सबसे ज्यादा कश्मीर के युवको को भुगतना पड़ा। ऐसे माहौल में खुद को अलग थलग महसूस करने और अधिकारिक रूप से भारतीय होने के बावजूद उन्हें राज्य के आंतरिक पेचीदगियों के कारण आय दिन कई तरह की नकारात्मक ख़बरे वहाँ से जुडी सुनने को मिलती थी।
देर सवेर जो कार्य बहुत पहले हों जाना था वो आज हो ही गया। इससे देशभर में हर्षोल्लाश का माहौल है। सभी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और और अमित शाह सहित पुरे मंत्रिमण्डल के इस इस फैसले पर , नए इतिहास लिखे जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने एक नयी जीत हासिल की है, सामाजिक रूप से, राजनीतिक रूप से, तथा संवैधानिक रूप से भी देश के हित में काम करने वाली सरकार के तौर पर अपनी जड़े मजबूत करने में में सफल हुई हैं।
कारण चाहे जो भी मैं व्यक्तिगत रूप से इस ऐतिहासिक फैसले का समर्थन करता हू कश्मीर भारत का अभिन्न और अद्वितीय अंग है ऐसे में निश्चित रूप से एक देश एक संविधान एक झंडा होना चाहिए। इसके चलते कश्मीर के नागरिको को अन्य राज्यों के नागरिको की तरह तमाम कार्य संपादित करने में अब आसानी होगी।
गौरतलब है इस बड़े फैसले को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरुरत है क्योंकि जीत मोदी सरकार की नही सही मायने में या उससे ज्यादा कह लीजिये जीत मानवता की हुई है, मौलिकता की हुई है , सालो से अपने हक़ के लिए लड़ रहे लाखो कश्मीरियों की हुई है।
भारतीय इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों से अंकित किया जायेगा क्योंकि-
1.act 35A प्रभाव से निरस्त है।
2.act 370 प्रभाव से निरस्त है।
3.कश्मीर के दो भागो में बटने से भारत का नया मानचित्र उभर कर आएगा।
4. जम्मू और लद्दाख दों नए केंद्र शासित प्रदेश होंगे।
5. कश्मीर के लोगों की दोहरी नागरिकता समाप्त अब वे सर्फ भारतीय होंगे।
6. कश्मीर की लडकिया बिना अपनी नागरिकता खोये भारत में कही भी शादी कर सकेंगी।
7. भारत के अन्य राज्यो के नागरिक अब कश्मीर में नौकरी कर सकेंगे।
8. संविधान में वर्णित नीति निदेशक तत्व कश्मीर में लागू होंगे।
9. अब वहा दो झंडे वैध नही होंगे। सिर्फ तिरंगा फहराया जायेगा।
10. राज्य के लोगो की दोहरी नागरिकता समाप्त अब सिर्फ भारतीय कहलायेंगे।
इस फैसले का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से कई प्रभाव भविष्य में देखने की उम्मीद की जा रही है।
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अब बात करते है आज से जुड़े सबसे अहम सवालो और उसके जवाब की । जाहिर तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए इन सब से अवगत होना अति आवश्यक है क्योंकि आगामी परीक्षाओं में इस सम्बन्ध में प्रश्न पूछे जाने की पूरी सम्भावना है। तो आइये समझने का प्रयास करते हैं:-
सवाल 1 :- Act 370 क्या है ?
जवाब:- यह भारतीय संविधान में अंगीकृत धारा थी जो 5 अगस्त 2019 से प्रभाव से निरस्त है। इसके अनुसार भारत सरकार जम्मू और कश्मीर राज्य में रक्षा , संचार और विदेश मामलो के अतरिक्त अन्य कोई यहाँ लागू नही कर सकती।
सवाल 2 - act 35 A क्या है ?
जवाब:- 35A के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के पास राज्य के स्थायी निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार होता है। स्थायी नागरिक को मिलनेवाले अधिकार और विशेष सुविधाओं की परिभाषा भी आर्टिकल 35A के ही तहत तय की जा सकती है। यह कानून 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के तहत शामिल किया गया था। केंद्र सरकार इसी आर्टिकल 35A को हटाना चाहती है।
नोट :- इसे हटाने की वजह इसमें नहीं बताया गया है।
सवाल 3 :- हाल ही किस नए केंद्र शासित प्रदेश गठन किया गया ये कौनसे है तथा किस राज्य में आते हैं ?
जवाब:- कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश हैं।
इस आर्टिकल के द्वारा आज देश के हित में हुए इस फैसले के जुडी कुछ बाते आपसे साझा करने का प्रयास किया । किसी में भावना को ठेस ना पहुँचे इसके लिए इस आर्टिकल को मैंने निष्पक्ष होकर प्रस्तुत किया हैं यदि किसी को कोई असुविधा या समस्या हो तो आप हमे सूचित करें हम आपके प्रति कृतज्ञ होंगे।
आजादी के 72 सालो बाद कश्मीर के लोगो को आज असली आजादी मिली है। धारा 35A और 370 के सभी उपभाग आज से लागू नही होंगे। यह वास्तव में राष्ट्रभक्ति की जीत है। आज तक किसी सरकार ने इतना बड़ा और सही फैसला नही लिया। अब कश्मीर में सिर्फ तिरंगा होगा, एक ही संविधान होगा, राष्ट्रपति शासन वैध होंगे। अन्य राज़्यों की तरह कश्मीर में भी शासन की योजनाए लागू हो सकेंगी। जिससे केंद्र और राज्य सरकार आपसी तालमेल के साथ राज्य के सर्वागींण विकास की नयी कड़िया जोड़ने में सक्षम होंगे।
विदित हो की जम्मू कश्मीर 1947 में आजादी के बाद भारत में शामिल नही था, तब कश्मीर में मुस्लिम बहुसंख्यको के कारण पकिस्तान में इसके विलय के प्रति झुकाव अधिक रहा किन्तु कुछ बुद्धिजीवी कश्मीर को भारत में शामिल करना चाहते थे। इसके लिए तत्कालीन दस्तावेज 'instruments of actions' में उन्होंने हस्ताक्षर किये थे। इस दस्तावेज में दोनों पक्षों का हस्ताक्षर होना आवश्यक था। आखिरकार 26 नवंबर, 1949 को अंगीकृत किया कर लिया गया। 'इंस्ट्रूमेंट्स ऑफ ऐक्सेशन ऑफ जम्मू ऐंड कश्मीर टु इंडिया' की शर्तों के मुताबिक, आर्टिकल 370 में यह उल्लेख किया गया कि देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के सिवा अन्य किसी विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही, जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की अनुमति दे दी गई।
क्या है article 370 आपको संक्षेप में बताना चाहूँगा इस आर्टिकल के अनुसार भारत सरकार जम्मू और कश्मीर में कुछ विशेष मामलों जैसे रक्षा , संचार , और विदेश मामले के अतिरिक्त अन्य कोई कानून नहीं बना सकती। साफ़ शब्दों में भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्व कश्मीर में प्रत्यक्षतः लागू नही होंगे। और सरल शब्दों में आप यह समझ सकते है कि अधिकारिक तौर पर भारत सरकार को जम्मू कश्मीर के संबंध में केवल सीमित स्तर पर कार्य करने की अनुमति हैं।
इसका article की सज़ा सबसे ज्यादा कश्मीर के युवको को भुगतना पड़ा। ऐसे माहौल में खुद को अलग थलग महसूस करने और अधिकारिक रूप से भारतीय होने के बावजूद उन्हें राज्य के आंतरिक पेचीदगियों के कारण आय दिन कई तरह की नकारात्मक ख़बरे वहाँ से जुडी सुनने को मिलती थी।
देर सवेर जो कार्य बहुत पहले हों जाना था वो आज हो ही गया। इससे देशभर में हर्षोल्लाश का माहौल है। सभी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और और अमित शाह सहित पुरे मंत्रिमण्डल के इस इस फैसले पर , नए इतिहास लिखे जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने एक नयी जीत हासिल की है, सामाजिक रूप से, राजनीतिक रूप से, तथा संवैधानिक रूप से भी देश के हित में काम करने वाली सरकार के तौर पर अपनी जड़े मजबूत करने में में सफल हुई हैं।
कारण चाहे जो भी मैं व्यक्तिगत रूप से इस ऐतिहासिक फैसले का समर्थन करता हू कश्मीर भारत का अभिन्न और अद्वितीय अंग है ऐसे में निश्चित रूप से एक देश एक संविधान एक झंडा होना चाहिए। इसके चलते कश्मीर के नागरिको को अन्य राज्यों के नागरिको की तरह तमाम कार्य संपादित करने में अब आसानी होगी।
गौरतलब है इस बड़े फैसले को राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरुरत है क्योंकि जीत मोदी सरकार की नही सही मायने में या उससे ज्यादा कह लीजिये जीत मानवता की हुई है, मौलिकता की हुई है , सालो से अपने हक़ के लिए लड़ रहे लाखो कश्मीरियों की हुई है।
भारतीय इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों से अंकित किया जायेगा क्योंकि-
1.act 35A प्रभाव से निरस्त है।
2.act 370 प्रभाव से निरस्त है।
3.कश्मीर के दो भागो में बटने से भारत का नया मानचित्र उभर कर आएगा।
4. जम्मू और लद्दाख दों नए केंद्र शासित प्रदेश होंगे।
5. कश्मीर के लोगों की दोहरी नागरिकता समाप्त अब वे सर्फ भारतीय होंगे।
6. कश्मीर की लडकिया बिना अपनी नागरिकता खोये भारत में कही भी शादी कर सकेंगी।
7. भारत के अन्य राज्यो के नागरिक अब कश्मीर में नौकरी कर सकेंगे।
8. संविधान में वर्णित नीति निदेशक तत्व कश्मीर में लागू होंगे।
9. अब वहा दो झंडे वैध नही होंगे। सिर्फ तिरंगा फहराया जायेगा।
10. राज्य के लोगो की दोहरी नागरिकता समाप्त अब सिर्फ भारतीय कहलायेंगे।
इस फैसले का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से कई प्रभाव भविष्य में देखने की उम्मीद की जा रही है।
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अब बात करते है आज से जुड़े सबसे अहम सवालो और उसके जवाब की । जाहिर तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए इन सब से अवगत होना अति आवश्यक है क्योंकि आगामी परीक्षाओं में इस सम्बन्ध में प्रश्न पूछे जाने की पूरी सम्भावना है। तो आइये समझने का प्रयास करते हैं:-
सवाल 1 :- Act 370 क्या है ?
जवाब:- यह भारतीय संविधान में अंगीकृत धारा थी जो 5 अगस्त 2019 से प्रभाव से निरस्त है। इसके अनुसार भारत सरकार जम्मू और कश्मीर राज्य में रक्षा , संचार और विदेश मामलो के अतरिक्त अन्य कोई यहाँ लागू नही कर सकती।
सवाल 2 - act 35 A क्या है ?
जवाब:- 35A के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार के पास राज्य के स्थायी निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार होता है। स्थायी नागरिक को मिलनेवाले अधिकार और विशेष सुविधाओं की परिभाषा भी आर्टिकल 35A के ही तहत तय की जा सकती है। यह कानून 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के तहत शामिल किया गया था। केंद्र सरकार इसी आर्टिकल 35A को हटाना चाहती है।
नोट :- इसे हटाने की वजह इसमें नहीं बताया गया है।
सवाल 3 :- हाल ही किस नए केंद्र शासित प्रदेश गठन किया गया ये कौनसे है तथा किस राज्य में आते हैं ?
जवाब:- कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश हैं।
इस आर्टिकल के द्वारा आज देश के हित में हुए इस फैसले के जुडी कुछ बाते आपसे साझा करने का प्रयास किया । किसी में भावना को ठेस ना पहुँचे इसके लिए इस आर्टिकल को मैंने निष्पक्ष होकर प्रस्तुत किया हैं यदि किसी को कोई असुविधा या समस्या हो तो आप हमे सूचित करें हम आपके प्रति कृतज्ञ होंगे।
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| Yogesh Gendre |

