from diary - छोटे कपड़े होते है या छोटी सोच होती है ? क्या कपड़ो से किसी लड़की क चरित्र परखना सही है? 2017
छोटे कपड़े नहीं, छोटी सोच होती है.
जी, बात कोई बहुत नई नहीं है, लेकिन मैं समझता हूँ कि इसके बारे में खुलकर बात करना और इसे सही तरीके से समझना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि यह मुद्दा हमारे modern society, social values और moral thinking की credibility से जुड़ा हुआ है।
सवाल है —
आख़िर हम हैं कहाँ?
किस direction में आगे बढ़ रहे हैं?
इतने बड़े देश में, जहाँ development, technology, education और 135 करोड़ की public power होने के बावजूद —
क्यों आज भी लाखों चेहरों को सिर्फ शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है?
क्यों लोग aware नहीं हो रहे?
और उससे भी ज्यादा दुख इस बात का है कि educated होने के बाद भी लोग इस issue को properly judge नहीं कर पाते, या फिर conveniently ignore कर देते हैं।
मैं बात कर रहा हूँ उन युवकों की, जो modern लड़कियों के lifestyle और dressing sense पर सवाल उठाते हैं…
जो jeans, skirt या western outfit में चलती लड़कियों पर comment pass करते हैं।
एक उदाहरण – सिर्फ समझाने के लिए
(यह एक fictional example है)
अर्चना (19) – College Student
“आज मैंने skirt पहनी थी।
सोचा, जब मेरे family को इन कपड़ों से कोई problem नहीं है, तो किसी और को क्यों होगी?
यही सोचकर मैं पास की दुकान तक चली गई।
दुकान पर जाकर बोली —
‘भइया, दो pen दे देना, एक black, एक blue।’
मैंने उसे ‘भइया’ कहा, लेकिन उसकी नज़र मेरे skirt पर टिकी हुई थी।
खैर, उसने तो नज़र हटा ली…
लेकिन वहीं कुछ so-called ‘cool’ लड़के खड़े थे।
उन्होंने comment करना शुरू किया —
“Blue तो खुद लग रही है… blue लेकर क्या करेगी?”
“तेरे गोरे बदन पर तो black ज्यादा जमेगा…”
फिर एक बोला —
“इन लड़कियों को अपनी beauty show करने का बहाना चाहिए।”
और उनमें से एक pseudo social reformer बनते हुए बोला —
“ऐसे ही लड़कियों का rape होता है। फिर family justice के लिए रोती है। अगर अभी control कर लें तो crime कम हो जाएगा।”
मैं दुकान से घर तो आ गई…
लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ एक सवाल घूम रहा था —
क्या सच में rape की वजह छोटी skirt है?
गलत मैं हूँ या वो?
तभी याद आया —
कल की news headline:
“चाचा ने 4 साल की भतीजी का किया बलात्कार।”
अब मैं सोचने लगी —
उस 4 साल की बच्ची ने क्या पहना था?
उसके किन अंगों ने किसी को भड़काया?
क्या वो भी किसी की नज़र में ‘पटाखा’ थी?
अगर कपड़ों का इतना असर है,
तो साड़ी में लिपटी महिलाओं का rape क्यों होता है?
बुर्का पहनी महिलाओं के साथ अपराध क्यों होता है?
छोटे बच्चों के साथ crime क्यों होता है?
सवाल कपड़ों का नहीं है।
सवाल mentality का है।
जिसकी सोच दूषित है,
वो बुर्के में छिपी औरत,
लाश,
यहाँ तक कि जानवरों तक को नहीं छोड़ता।
Double Standards
पुरुष घर में सिर्फ बनियान या छोटे कपड़ों में घूमे —
कोई objection नहीं।
लेकिन वही पुरुष,
कपड़ों की आड़ में महिलाओं पर comment pass करते हैं।
क्यों?
क्योंकि उन्हें मौका चाहिए अपनी cheap thinking को justify करने का।
चार साल की बच्ची में कौन सा youth दिखाई देता है?
फिर भी 50 साल का आदमी उसके साथ crime कर देता है।
तो फिर दोष कपड़ों का है या सोच का?
Political Statements और Reality
कभी कोई नेता कह देता है —
“छोटे कपड़े मत पहनो।”
कभी कोई police official irresponsible statement दे देता है।
ऐसे statements शर्मिंदा करते हैं।
ये patriarchy को support करते हैं,
ना कि justice को।
अगर लड़की suit पहनकर भी बाहर निकले और उसके साथ crime हो जाए —
तो क्या उसके दुपट्टे की गलती थी?
क्यों हर बार victim पर सवाल?
क्यों accused की mentality पर discussion नहीं?
Real Problem
छोटे कपड़े बताकर cases दबा दिए जाते हैं।
लेकिन full covered कपड़े पहनने वाली को भी justice क्यों नहीं मिलता?
पुरुषों को अपनी सोच पर deep self-analysis की ज़रूरत है।
Mini skirt में उन्हें क्या दिखाई देता है?
छोटी बच्ची में वो क्या खोजते हैं?
अपनी हवस को कपड़ों के पीछे कब तक छिपाएँगे?
बेटी बचाओ सिर्फ slogan नहीं
“Beti Padhao, Beti Bachao”
सिर्फ campaign से बेटियाँ safe नहीं होंगी।
जब खतरा घर के अंदर हो,
जब 60 साल का अपना ही रिश्तेदार अपराधी बन जाए —
तो बेटियाँ कहाँ सुरक्षित रहेंगी?
और आखिर में,
फिर वही सच सामने आता है —
“छोटे कपड़े नहीं, छोटी सोच होती है।”
बहुत अच्छा और आधुनिक विचार है आपका। मुझे सिर्फ एक बात बता दीजिए। छोटे कपड़ो के पीछे पुरुषों की मानसिकता क्या है ये आप जानना चाहते है तो ये बताओ छोटे कपड़े पहन कर अपनी आंतरिक शरीर का प्रदर्शन करने के पीछे उन लड़कियों की क्या मानसिकता है? वो क्या सोच कर अपनी इज्जत को सबके सामने दिखाना चाहते है? उसकी भी कोई न कोई मानसिकता होगी ना अपने आप को नंगा दिखाने के लिए?
ReplyDeleteEsi ladkiya vaisya hoti hai inka gang rap hona chaiye
Delete